Onboarding नेटिव लगता है, चिपकाया हुआ नहीं
बाकी हर Tootela ऐप जैसा ही पिल टॉपबार, वही फ्लोटिंग साइडबार, वही कीबोर्ड शॉर्टकट्स। कोई नया इंटरफ़ेस सीखने की ज़रूरत नहीं: Onboarding पहले ही दिन से Employees के साथ फिट बैठता है।
कोई लंबी-चौड़ी लिस्ट नहीं : वे काम जो आप Onboarding में हर हफ़्ते वाकई करते हैं।
तीन वजहें जिनकी वजह से आपके बाकी टूल्स फ़ालतू लगने लगते हैं।
बाकी हर Tootela ऐप जैसा ही पिल टॉपबार, वही फ्लोटिंग साइडबार, वही कीबोर्ड शॉर्टकट्स। कोई नया इंटरफ़ेस सीखने की ज़रूरत नहीं: Onboarding पहले ही दिन से Employees के साथ फिट बैठता है।
संपर्क, प्रोजेक्ट, दस्तावेज़ : Onboarding वही रिकॉर्ड पढ़ता है जिन्हें आपके HR & Finance टीममेट्स पहले से जानते हैं। न कोई रात की सिंकिंग, न डुप्लिकेट IDs, न महीने के आख़िर में Zapier का बिल।
Tootela का एक ही फेयर प्राइस है जो हर ऐप को कवर करता है। किसी दूसरे ऐप में नया टीममेट जोड़ने पर आपको ज़्यादा नहीं देना पड़ता : बिल हमेशा अनुमानित रहता है।
ये वे पल हैं जब Onboarding किसी दूसरे ऐप से बात करता है, बिना आपको कुछ भी जोड़े।
Onboarding चेकलिस्ट पूरी होते ही पूरे पैकेज में एम्प्लॉई प्रोफ़ाइल, रोल और परमिशन तैयार हो जाते हैं।
Onboarding, HR & Finance फ़ैमिली के 3 ऐप्स में से एक है। ये सभी एक ही डेटाबेस और एक ही इंटरफ़ेस शेयर करते हैं।